खामोश रहता हुँ क्योकि अभी दुनिया को समझ रहा हुँ! समय जरूर लुगाँ पर जिस दिन दाव खेलुँगा उस दिन खिलाङी भी मेरे होगे और खेल भी मेरा! ===...
खामोश रहता हुँ
क्योकि अभी दुनिया को समझ रहा हुँ!
समय जरूर लुगाँ
पर जिस दिन दाव
खेलुँगा उस दिन
खिलाङी भी मेरे होगे और खेल
भी मेरा!
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Heart touching story :-
कहानी एक ऐसे परिवार की जिन्होने अपनी बदनामी होने से पहले ही शान से मौत को गले लगा लिया ।
एक गाँव मे एक खुशहाल परिवार रहता था । उसपरिवार के बडे बेटे का विवाह बडी धूमधाम सेकिया गया ।2 वर्ष के बाद उस परिवार मेँ एकनन्ही सी परी नेजन्म लिया । पूरा परिवार बहुत खुश था । गाँव मेँढोल बजवाया गया औरमिठाईयाँ बाँटी गयी । परी को हरकौई बहुतप्यार करता था । उसके परिवार वाले तो जैसेउसको देखकर ही जीते थे।परी की छोटी बडी हरफरमाईस मूँह से निकलतेही पूरी की जाती थी ।धीरे धीरे समयबीतता गया और परी अपने यौवनकी तरफ बडरही थी । परी अब 15 वर्षकी हो गयी थी ।परी वास्तव मेँही परी जैसी थी ।परी बहुतसुन्दर थी और सूशील भी ।अब भी परिवार का प्रत्येक सदस्य उसे उसके बचपनकी तरह ही प्यार करते थे ।उस परिवार मेँ खुशियाँ ही खुशियाँ थी । मगरअब शायद उस परिवारकी खुशियाँ को किसी की नजरलग गयी ।परी की जिन्दगी मेँ राज नामका एकलडका आया । राज और परी दोनो ही एकदूजेको प्यार करने लगे । समय के साथ साथउनका प्यार भी परवान चढता गया । और एकसमय ये आया की अब वे दोनो एक पलभी अलगनही रह पाते थे ।करे तो क्या करेँ अब उन्हे कुछ समझ मेँ नही आरहा था । घरवालो को बताने की उनमेँ हिम्मतनही थी । और अलग रहना अब सम्भवनही था ।और फिर एक रात परी और राज दोनो घर से भागगये । ये सोचे बगैर कि उनके जाने के बाद उनकेघरवालो का क्या हस्र होगा ।परी के घरवालो को जब येपता चला तो वो जीते जी मर गये । उन्होनेसोचा की जब गाँव मेँ येपता चलेगा तो वो किसी के सामने मूँह दिखानेलायक नही रहेगेँ । और उसी रात पूरेपरिवार नेजहर खाकर आत्महत्या कर ली । परी केपिता नेमरते मरते दीवार पे लिखा की ......भगवान अगले जन्म मेँ बेटी तो देना मगरपरी जैसी नही ।दोस्तो क्या परी के पापा ने अपने अन्तिम समयमे जो लिखा वो सही था ।दोस्तो जिसने हमेँ जन्म दिया हमारी परविशकी जब किसी का प्यार पाने के लिए हमउन्हेछोड सकते है तो उससे अच्छे का प्यार पाने के लिएहम उसे भी छोड सकते है ।दोस्तो हमेशा याद रखनाजो अपने माँ बाप का नही हुआवो किसी का नही हो सकता चाहे वहलडकी हो या लडका हो ।जब हमारे प्यार की खातिर वह अपने माँ बापको छोड सकते है तो किसी अन्य के प्यार लिएवह हमेँ भी छोड सकते है ।
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एक बार एक छोटी चिड़िया सर्दी में खाने की तलाश में उड़ कर जा रही थी , ठंड इतनी ज्यादा थी कि उससे ठंड सहन नही हुई और खून जम जाने से वो वहीँ एक मैदान में गिर गयी....
वहां पर एक गाय ने आकर उसके ऊपर गोबर कर दिया, गोबर के नीचे दबने के बाद उस चिड़िया को एहसास हुआ की उसे दरअसल उस गोबर के ढेर में गर्मी मिल रही थी , लगातार गर्माहट के एहसास ने उस छोटी चिड़िया को सुकून से भर दिया और उसने गाना गाना शुरू कर दिया....
वहां से निकल रही एक बिल्ली ने उस गाने की आवाज़ सुनी और देखने लगी की ये आवाज़ कहाँ से आ रही है ,थोड़ी देर बाद उसे एहसास हुआ की ये आवाज़ गोबर के ढेर के अंदर से आ रही है , उसने गोबर का ढेर खोदा और उस चिड़िया को बाहर निकाला और उसे खा गयी.....
इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि
" आपके ऊपर गंदगी फेंकने वाला हर इंसान आपका दुश्मन नहीं होता , और
आपको उस गंदगी में से बाहर निकालने वाला हर इंसान आपका दोस्त नहीं होता.."